दोस्तों सलाम,
मैं बहुत खुश हूँ की कल रात हमारी टी फॉर टेक्नोलॉजी की पहली मीटिंग हुई आज जब मैं हिन्दी टाइपिंग प्रयोग करने बैठा तो बहुत मज़ा आया ये तो सच में बहुत आसान हैं , अब मुझे कभी भी हिन्दी टाइप करने वालो के नखरे नहीं झेलने पड़ेंगे http://www.hindiyugm.com/ पर रोमन इंग्लिश को हिन्दी में लिखने का ये औजार बहुत ही कारामद है अब देखिये न सिर्फ़ पाँच मिनट मैं ये चिठ्ठा तयार हो गया इग्लिश मैं टाइप करने मैं ये मज़ा नही आता !
चलिए अब मैं आपको 'Tea for technology' के बारे में बताता हूँ कुछ अरसे से ये ख्याल मेरे मन मैं कुलबुला रहाथा की आजकल टेक्नोलॉजी इतनी तेज़ी से बदल रही है की हर किसी को लगातार सीखना ज़रूरी है मगर रोज़मर्रा की दोड़ धूप मैं इतना वक्त ही नही मिलता की खास तौर से कहीं जा के सीखें मन में ये सवाल उठा की ऐसा क्या करें की हमारी रफ्तार टेक्नोलॉजी की रफ्तार के साथ मिल जाए और इससे सीखना कुदरती लगे ?अब ये तो सब ही जानते हैं की जितनी अहम और मजे दार बातें चाय की प्याली के साथ होती हैं, वैसी भारी भरकम 'वर्कशॉप' वाली मीटिंग मैं नही होतीं और सीखने सिखाने का जो अम्ल है वो मज़ेदार ही होना चाहिए तो साहब जन्म हुआ 'टी फॉर टेक्नोलॉजी' का कल पहली मीटिंग हुई हम पाँच दोस्त चाय की दुकान पे मिले और हमारे साथी सुहैल आज़म ने http://www.hindiyugm.com/ के बारे मैं बताया मैंने आज सुबह प्रोयग किया और यह चिटठा लिख दिया प्रयोग बहुत ही सफल रहा, अपने ख्यालों को ज़ाहिर करने केलिए मुझे हिन्दी टाइपिंग का सहारा मिल गया टी फॉर टेक्नोलॉजी की अगली मीटिंग का इन्तिज़ार मुझे बेसब्री से रहेगा
मजे करें और लिखते रहें
यूनुस
सलाम भाइयों,
पहले तो मैं माफ़ी चाहूँगा देरी से जवाब भेजने के लिया... क्यूंकि आज मेरी जॉब का पहला दिन था और पहले ही दिन मैं, माशाअल्लाह रात के १२ बजे लौटा हूँ... आप लोगों की दाद चाहूँगा.. यूनुस भाई सही कहा आपने, इस टाइपिंग का अलग ही अंदाज़ है और अलग ही मज़ा है... कल रात की मीटिंग से वाकेही दिमाग के कुछ घोडे खुले हैं.. पहले जो वक्त हम दोस्तों के साथ चाए की दुकान पर b.c. में बिताते थे, वही वक्त कल रात हमने B.C. यानी बात चीत में बिताया... जिससे वाकेही बहुत कुछ सीखने को मिला... और यूनुस भाई के T for Technology को भी एक existence मिल गई.. शुक्रिया यूनुस भाई... आपसे इल्तेजा है के ऐसे ही कुछ जानकारियाँ हम न समझो में तकसीम करते रहें... शुक्रिया...
अगली मीटिंग का इंतज़ार रहेगा..
मैं जानिब.. सोहेल आज़मजामिया मिल्लिया इस्लामिया
मैं बहुत खुश हूँ की कल रात हमारी टी फॉर टेक्नोलॉजी की पहली मीटिंग हुई आज जब मैं हिन्दी टाइपिंग प्रयोग करने बैठा तो बहुत मज़ा आया ये तो सच में बहुत आसान हैं , अब मुझे कभी भी हिन्दी टाइप करने वालो के नखरे नहीं झेलने पड़ेंगे http://www.hindiyugm.com/ पर रोमन इंग्लिश को हिन्दी में लिखने का ये औजार बहुत ही कारामद है अब देखिये न सिर्फ़ पाँच मिनट मैं ये चिठ्ठा तयार हो गया इग्लिश मैं टाइप करने मैं ये मज़ा नही आता !
चलिए अब मैं आपको 'Tea for technology' के बारे में बताता हूँ कुछ अरसे से ये ख्याल मेरे मन मैं कुलबुला रहाथा की आजकल टेक्नोलॉजी इतनी तेज़ी से बदल रही है की हर किसी को लगातार सीखना ज़रूरी है मगर रोज़मर्रा की दोड़ धूप मैं इतना वक्त ही नही मिलता की खास तौर से कहीं जा के सीखें मन में ये सवाल उठा की ऐसा क्या करें की हमारी रफ्तार टेक्नोलॉजी की रफ्तार के साथ मिल जाए और इससे सीखना कुदरती लगे ?अब ये तो सब ही जानते हैं की जितनी अहम और मजे दार बातें चाय की प्याली के साथ होती हैं, वैसी भारी भरकम 'वर्कशॉप' वाली मीटिंग मैं नही होतीं और सीखने सिखाने का जो अम्ल है वो मज़ेदार ही होना चाहिए तो साहब जन्म हुआ 'टी फॉर टेक्नोलॉजी' का कल पहली मीटिंग हुई हम पाँच दोस्त चाय की दुकान पे मिले और हमारे साथी सुहैल आज़म ने http://www.hindiyugm.com/ के बारे मैं बताया मैंने आज सुबह प्रोयग किया और यह चिटठा लिख दिया प्रयोग बहुत ही सफल रहा, अपने ख्यालों को ज़ाहिर करने केलिए मुझे हिन्दी टाइपिंग का सहारा मिल गया टी फॉर टेक्नोलॉजी की अगली मीटिंग का इन्तिज़ार मुझे बेसब्री से रहेगा
मजे करें और लिखते रहें
यूनुस
सलाम भाइयों,
पहले तो मैं माफ़ी चाहूँगा देरी से जवाब भेजने के लिया... क्यूंकि आज मेरी जॉब का पहला दिन था और पहले ही दिन मैं, माशाअल्लाह रात के १२ बजे लौटा हूँ... आप लोगों की दाद चाहूँगा.. यूनुस भाई सही कहा आपने, इस टाइपिंग का अलग ही अंदाज़ है और अलग ही मज़ा है... कल रात की मीटिंग से वाकेही दिमाग के कुछ घोडे खुले हैं.. पहले जो वक्त हम दोस्तों के साथ चाए की दुकान पर b.c. में बिताते थे, वही वक्त कल रात हमने B.C. यानी बात चीत में बिताया... जिससे वाकेही बहुत कुछ सीखने को मिला... और यूनुस भाई के T for Technology को भी एक existence मिल गई.. शुक्रिया यूनुस भाई... आपसे इल्तेजा है के ऐसे ही कुछ जानकारियाँ हम न समझो में तकसीम करते रहें... शुक्रिया...
अगली मीटिंग का इंतज़ार रहेगा..
मैं जानिब.. सोहेल आज़मजामिया मिल्लिया इस्लामिया
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